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सोमवार, 29 अक्टूबर 2012

बांग्ला फिल्म 'मन मोहनाय' में फिल्म प्रोड्यूसर की भूमिका निभायेंगे अभिज्ञात


कोलकाताः हिन्दी के सुपरिचित साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ.अभिज्ञात बांग्ला फीचर फिल्म 'मन मोहनाय' में अभिनय करेंगे। इस फिल्म में वे एक फिल्म प्रोड्यूसर की भी भूमिका अदा करेंगे। प्रोडक्शन कंपनीः वारसी फिल्म्स एंड टेली फिल्म्स। मुख्य सलाहकार-सुशांत पाल चौधरी, पटकथा एवं संवाद-शक्तिपद राजगुरु, सिनेमेट्रोग्राफी-देवाशीष बनर्जी, संगीत-नौशाद अली, गायक-रफीक राना, जेनेवा, आर्ट डायरेक्टर-प्रदीप दे सरकार, डांस डायरेक्टर-मौसुमी दास, डी नयन, सम्पादक-कौशिक राय, रूप सज्जा-शक्ति नंदी, कहानी, निर्देशन एवं प्रस्तुति-अरिंदम समाद्दार एवं प्रचार-प्रदीप बोस। अभिनय-सुप्रिया देवी, संगीता सान्याल, अरिंदम चटर्जी, अनामिका साहा, कल्याण चटर्जी, विश्वजीत चक्रवर्ती, सैयद बेदार, उदय कर्मकार, कल्याणी मंडल, सुबीर गांगुली, प्रिया राना, दुलाल लाहिड़ी एवं रितुश्री। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है।

मालूम हो कि सुप्रिया देवी उत्तम कुमार की फिल्मों में नायिका रह चुकी हैं, जबकि संगीता सान्याल और अरिंदम चटर्जी इसके पहले भी चार-पांच फिल्मों में हिरोइन व हीरों की भूमिकाएँ निभा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि अभिज्ञात ने इसके पूर्व बांग्ला धारावाहिक ‘प्रतिमा’ एवं बांग्ला फीचर फिल्म ‘एक्सपोर्टः मिथ्या नोय सत्ती’ में भी अभिनय किया है। उनकी हिन्दी में कविता, कहानी व उपन्यास विधा में दस किताबें प्रकाशित हैं। उन्होंने ‘केदारनाथ सिंह व्यक्तित्व और कृतित्व’ पर कलकत्ता विश्वविद्यालय से पीएचडी की है।

सोमवार, 4 जून 2012

साहित्य का कौमी एकता अवार्ड-२०१२ डॉ.जगदीश्वर चतुर्वेदी को

कोलकाताः ऑल इंडिया कौमी एकता मंच की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला कौमी एकता अवार्ड स्थानीय कला मंदिर सभाकार में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। सन २०१२ का साहित्य का चौथा कौमी एकता सम्मान हिन्दी के साहित्यकार डॉ.जगदीश्वर चतुर्वेदी को प्रदान किया गया। इसके पूर्व यह सम्मान डॉ.अभिज्ञात, मुनव्वर राना, डॉ.विजय बहादुर सिंह को प्रदान किया जा चुका है। इसके अलावा फिल्म निर्देशक गौतम घोष, सामाजिक कार्यकर्ता तिस्ता शीतलवाड़, टीवी समाचार चैनल आज तक के पत्रकार आलोक श्रीवास्तव, शिक्षाविद् लौरिन मिर्जा को प्रदान किया गया। चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड डॉ. सुकांति हाजरा को प्रदान किया गया। ये सम्मान डीआईजी डॉ.अकबर अली खान, चित्रकार वसीम कपूर एवं पंजाबी बिरादरी के अध्यक्ष अनिल कपूर को हाथों प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में गजल गायक जगजीत सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए शाम-ए-गजल का आयोजन किया गया था जिसमें विनोद सहगल ने अपनी गजलों से लोगों का मन मोह लिया। संस्था की गतिविधियों की जानकारी उसके अध्यक्ष जमील मंजर, उपाध्यक्ष सतीश कपूर एवं महासचिव आफताब अहमद खान ने दी।

डॉ.जगदीश्वर चतुर्वेदी का जन्म १२ अप्रैल १९५७ मथुरा में हुआ। संपूर्णानंद विश्वविद्यालय,वाराणसी से सर्वोच्च अंकों से सिद्धांत ज्यौतिषाचार्य की परीक्षा पास करने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमए, एमफिल, पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। जेएनयू की छात्र राजनीति में सक्रिय नेतृत्व प्रदान किया और सन् १९८४-८५ में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। छात्रजीवन में ही जेएनयू की एकेडमिक कौंसिल और बोर्ड ऑफ स्टैडीज के सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए। सन् १९८९ में कलकत्ता विश्वविद्यालय में हिन्दी में लेक्चरर के रूप में अध्यापन आरंभ किया और १९९३ में रीडर और सन् २०११ में प्रोफेसर बने। देश के विश्वविद्यालय अकादमिक जगत में यह कम होता है कि कोई शिक्षक मात्र ११साल के अध्यापन अनुभव के आधार में प्रोफेसर बने। कलकत्ता विश्वविद्यालय के इतिहास की यह विरल घटना है। ४५ किताबें अब तक प्रकाशित हुई हैं। ये किताबें साहित्य समीक्षा,स्त्री साहित्य आलोचना और मीडिया पर केन्द्रित हैं।