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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

कृष्ण बिहारी को सृजनगाथा सम्मान

१४ फरवरी २०१३, दुबई के इंपीरियल होटल स्यूइट्स में आयोजित एक भव्य समारोह में भारतीय दूतावास के डेप्युटी काउंसलर (कामर्स एवं आर टी आई) पी.के. अशोक बाबू के हाथों यूएई निवासी कथाकार श्री कृष्णबिहारी को सम्म्मानित किया गया। यह सम्मान सृजनगाथा द्वारा उनकी लम्बी एवं उत्कृष्ट साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर १०० से अधिक भारतीय एवं युएई निवासी साहित्यकार, कलाकार एवं विशिष्ट नागरिक उपस्थित थे।

कृष्ण बिहारी हिन्दी के ऐसे पहले एवं एकमात्र लेखक हैं जिन्होंने अपनी सौ से अधिक कहानियों में संयुक्त अरब इमारात के जीवन को गहनता और विस्तार के साथ चित्रित किया है। अध्यापन एवं पत्रकारिता से जुड़े कृष्ण बिहारी की ख्याति उनकी कहानियों कि लिये हैं लेकिन उन्होंने कहानियों के अतिरिक्त कविता, एकांकी, उपन्यास और संस्मरण भी बखूबी लिखे हैं। वे संयुक्त अरब इमारात से निकलने वाली एक मात्र साहित्यिक पत्रिका 'निकट' के प्रकाशक व संपादक भी हैं।

सोमवार, 11 जून 2012

शारजाह में काव्य-संध्या का सुरुचिपूर्ण आयोजन


शारजाह, ७ जून २०१२, की शाम साढ़े सात बजे श्री प्रवीण सक्सेना के निवास स्थान पर, सुरुचिपूर्ण साजसज्जा के बीच एक मनमोहक काव्य संध्या का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विश्वंभरनाथ पांडेय राहगीर बनारसी थे। वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी और हिंदी तथा भोजपुरी साहित्य में लोक कवि के रूप में महत्त्वपूर्ण स्थान रखने वाले, अनेक सम्मानों से सुशोभित श्री राहगीर बनारसी जी पिछले कुछ दिनो से इमारात में अपनी बेटी के पास रह रहे हैं। अनेक बार विश्व का भ्रमण कर चुके इस अनोखे रचनाकार ने अपने रोचक अनुभव सुनाकर उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का आरंभ डैरिक रोस्टन ने अपनी मधुर आवाज में  सरस्वती वंदना से किया, सबने एक दूसरे का परिचय प्राप्त किया। दो प्रमुख वक्ताओं कुलभूषण व्यास ने प्रेरक कविताओं के संग्रह की योजना और अभिमन्यु गिरि ने सितंबर माह में होने वाली हिंदी प्रसार सभा की परियोजनाओं की सूचना दी जो  उपस्थित हिंदी प्रेमियों के लिये अत्यंत हर्ष की बात थी। पिछले अनेक सालों से ये दोनो हिंदी प्रेमी, हमारी राजभाषा  के विकास में महत्वपूर्ण योग दान दे रहे हैं। पूर्णिमा वर्मन ने संचालक के पद से बोलते हुए कहा कि अब संयुक्त अरब इमारात के हिंदी कवियों का एक संकलन निकलने का समय आ पहुँचा है और आने वाले सितंबर तक इसे तैयार हो जाना चाहिये। 

कविता पाठ का आरंभ श्री नंदी मेहता ने किया इसके बाद अभिमन्यु गिरि,  कुलभूषण व्यास, राजन सब्बरवाल, धर्मेन्द्र चौहान, डैरिक रोस्टन, मनोज शर्मा, राहुल तनेजा, श्रीमती अमृता कौर, मीरा ठाकुर,  श्री एन. एच. भोजने, पूर्णिमा वर्मन तथा अंत में राहगीर बनारसी सभी ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ  किया।  कार्यक्रम मेँ श्रीमती स्वरूप राय, श्रीमती कामना कटोच, श्रीमती मंजु सिंह, श्रीमती शालू चिंपा, श्रीमती ऋचा गौतम, श्रीमती मीना, श्री प्रवीण सक्सेना तथा अनुभव व इला गौतम सहित इमारात के भारतीय विद्यालयों के लगभग ४० हिंदी अध्यापक एवं उनके परिवार उपस्थित थे। यह गोष्ठी रात ११ बजे तक सानंद चलती रही। काव्य संध्या के अंत में मीरा ठाकुर द्वारा आयोजित जलपान ने सबको तृप्त किया।  

-मीरा ठाकुर

सोमवार, 29 अगस्त 2011

टीम अभिव्यक्ति द्वारा तुक कोश का उपहार पाठकों व रचनाकारों के लिये

१५ अगस्त २०११, अभिव्यक्ति के 11वें जन्मदिन के अवसर पर पत्रिका की टीम द्वारा एक तुक कोश को प्रकाशित किया गया है। वेब पर पहली बार जारी अपनी तरह के इस अनूठे तुक कोश में एक लाख से अधिक शब्दों की तुक ढूँढी जा सकती है। तुक ढूँढने का तरीका अत्यंत आसान है। जिस शब्द की तुकें ढूँढनी हों उसे खाली स्थान में लिखकर 'तुकांत शब्द खोजें' बटन क्लिक करना होता है। बटन के क्लिक करते ही नीचे के स्थान में दिये गए शब्द से संबंधित तुकें प्रदर्शित हो जाती है। उदाहरण के लिये दिये गए स्थान में आसमान लिखकर क्लिक करने पर आसमान से मिलती जुलती तुकों के 1500 से अधिक शब्द प्रदर्शित हो जाते हैं।

भारतीय साहित्य में तुकों और अन्त्यानुप्रास की सुदृढ़ परंपरा है। यह ध्यान में रखते हुए अभिव्यक्ति तुक कोश बाल साहित्य और तुकांत रचनाकारों के लिेये बहुत उपयोगी व लोकप्रिय सिद्ध होने की संभावना है। तुक कोश की रचना करने वाली तकनीकी टीम की अध्यक्ष रश्मि आशीष हैं। अभिव्यक्ति तुक कोश को नीचे दिये गए लिंक पर देखा जा सकता है।