रविवार, 28 नवंबर 2010

गुरमीत बेदी के व्यंग्य संग्रह का विमोचन


व्यंग्य लेखन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है और युवा व्यंग्यकार गुरमीत बेदी ने सरकारी नौकरी की लक्ष्मण-रेखाओं, विवशताओं व सीमाओं के बावजूद अपने धारदार व्यंग्य लेखन से जिस तरह सामाजिक विद्रुपताओं व भ्रष्टाचार पर तीखे प्रहार करने का हौसला दिखाया है, वह अनुकरणीय है। यह उद्गार योग गुरू बाबा रामदेव ने आज यहाँ गुरमीत बेदी के व्यंग्य संग्रह ‘नाक का सवाल’ के कुछ अंश उदृत करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का आईना व धड़कन होता है और व्यंग्य लेखन साहित्य की एक ऐसी कठिन व महत्वपूर्ण विधा है जो विसंगतियों स टकरा कर समाज का पथ प्रदर्शन करती है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरमीत बेदी के व्यंग्य लेख राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए हैं और इन व्यंग्य लेखों में व्यंग्यकार ने भ्रष्ट तंत्र, सामाजिक बुराइयों और मूल्यों के हनन पर चुटीले और अर्थ पूर्ण अंदाज़ में तंज कसकर व्यवस्था को झकझोरने की हिम्मत दिखाई है। योग गुरू बाबा रामदेव ने आशा व्यक्त की कि गुरमीत बेदी भविष्य में भी किसी दबाव में आए बिना अपने सकारात्मक लेखन से व्यवस्थागत खामियों व भ्रष्टाचार पर चोट करके अपने लेखकीय धर्म का पालन करते रहेंगे। इस अवसर पर गुरमीत बेदी ने बाबा रामदेव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इन आशीर्वचनों से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने योग गुरू को बताया कि उनका तीसरा व्यंग्य संग्रह ‘खबरदार जो व्यंग्य लिखा’ शीर्षक से दिल्ली के एक प्रतिष्ठित प्रकाशन से शीघ्र ही प्रकाशित होकर आ रहा है और इस व्यंग्य संग्रह में उन्होंने देश के राष्ट्रीय समाचार पत्रों के संपादकीय पृष्टों पर छपे अपने व्यंग्य लेखकों को संकलित किया है।

उल्लेखनीय है कि ऊना में जिला लोक संपर्क अधिकारी के पद पर कार्यरत गुरमीत बेदी ने दो व्यंग्य संग्रहों सहित साहित्य की विभिन्न विधाओं में आधा दर्जन पुस्तकें व तीन उपन्यास लिखे हैं और उन्हें हिमाचल साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित देश-विदेश के कई साहित्यिक पुरस्कार मिले हैं। गुरमीत बेदी के व्यंग्य संग्रह ‘नाक का सवाल’ को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों की लाईब्ररियों के लिए भी स्वीकृत किया गया है और इसी व्यंग्य संग्रह पर कनाडा की ‘विरसा’ संस्था भी उन्हें पुरस्कृत करने का ऐलान कर चुकी है। गुरमीत बेदी ने बाबा रामदेव को उनके ऊना प्रवास के दौरान ‘नाक का सवाल’ की प्रति भेंट की थी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।

3 टिप्‍पणियां:

'उदय' ने कहा…

... badhaai va shubhakaamanaayen !!!

aarkay ने कहा…

हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आपकी कलम इसी प्रकार अनवरत चलती रहे !

Girish Billore 'mukul' ने कहा…

बधाइयां

ब्लागिंग पर राष्ट्रीय कार्यशाला आधिकारिक रपट