सोमवार, 31 मई 2010

मीना चोपड़ा के कविता पाठ से "साउथ एशियन हेरिटेज मास" का आरम्भ


२ मई, २०१० को ब्रैम्पटन लाइब्रेरी का साउथ एशियन हेरिटेज मास का आरम्भ साउथ फ्लैचर शाखा में बहुत धूम-धाम से हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य दक्षिण एशिया से आए अप्रवासियों की पुस्तकालय प्रणाली में रुचि बढ़ाना और इसके बारे में जानकारी देना है। इस महीने इस सिस्टम के सभी पुस्तकालयों में बच्चों के लिए बारी बारी से द्विभाषी पुस्तक पाठ, कहानियाँ और गीतों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मिसिसागा की कवयित्री, चित्रकार और शिक्षक मीना चोपड़ा को, जो हिन्दी और अंग्रेज़ी; दोनों भाषाओं में रचना करती हैं, उनकी पुस्तक "सुबह का सूरज अब मेरा नहीं है" के लोकार्पण और कविता पाठ के लिए बुलाया गया। पुस्तक के विमोचन के लिए ब्रैम्पटन की मेयर सूज़न फैनल आई थीं। कार्यक्रम दो बजे के बाद आरम्भ हुआ। ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की बहुसांस्कृतिक सेवाओं की संयोजिका सरला उत्तांगी ने सभी का स्वागत किया और ब्रैम्पटन लाइब्रेरी सिस्टम की चेयर पर्सन जैनिस ऑड को आमंत्रित किया। जैनिस ने लाइब्रेरी में अन्य भाषाओं की पुस्तकों की चर्चा करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रैम्पटन की लाइब्रेरियाँ किस तरह से बदल गई हैं। उन्होंने ब्रैम्पटन की मेयर को पुस्तक के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया। विमोचन के बाद मीना चोपड़ा ने अपनी पुस्तक में से कुछ रचनाएँ सुनाईं।


उनके बाद मलिस्सा भगत, जो कैनेडा के सिटिज़िनशिप और मल्टीकल्चरल मंत्री जेसन कैनी की वरिष्ठ सलाहकार हैं, ने मीना जी के लिए जेसन कैनी का संदेश पढ़ा। मलिस्सा भगत ने ब्रैम्पटन के इलाके के भविष्य के कंज़र्वेटिव दल के प्रत्याशी कायल को मंच पर बुलाया और उन्होंने भी मीना जी को बधाई दी। इसके बाद सुमन कुमार घई, जिन्होंने पुस्तक के लिप्यांतरण में भी सहयोग दिया है, ने लिप्यांतरण के महत्व को बताते हुए समझाया और पुस्तक की समीक्षा भी की। कार्यक्रम की अगली वक्ता थीं उर्दू की शायरा नसीम सैय्यद। उन्होंने बहुत ही ख़ूबसूरत ढंग से मीना की काव्य शैली की चर्चा करते हुए मीना की चित्रकला से मिलाया और कहा कि मीना आम कवियों से हटकर शब्दों का कम इस्तेमाल करते हुए बहुत कुछ कह जाती है। मीना चोपड़ा की दूसरी पुस्तक इग्नाईटिड लाईन्ज़ की चर्चा करने के लिए इंग्लिश की कवयित्री सास्किया मैडॉक को आमंत्रित किया गया। सास्किया ने मीना की कविता और अपनी कविताओं की एक ही शैली की रचनाएँ कहा और उदाहरण के लिए अपनी एक कविता सुनाई।

इस क्रम के बाद मीना जी ने अपनी पुस्तक की कुछ कविताओं का पाठ किया और श्रोताओं को प्रश्नोत्तर सत्र के लिए आमन्त्रित किया। अंत में मीना जी की बेटी ताबीर विरदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सभा का विसर्जन करते हुए साउथ फ्लैचर शाखा की मैनेजर लिज़ा लिप्सन ने सभी का धन्यवाद किया और बताया कि मीना चोपड़ा की पुस्तकें अब लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं। मीना को इस वर्ष मिसिसागा के प्रतिष्ठित मार्टी पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया है।

--सुमन घई

ऐल्ते विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की पत्रिका 'प्रयास' के वेब संस्करण का लोकार्पण


बुदापैश्त, 29 अप्रैल 2010, ओत्वोश लोरांद विश्वविद्यालय के भरोपीय विभाग में हिंदी की भित्ति पत्रिका 'प्रयास' के वेब संस्करण का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए अभिव्यक्ति की संपादक पूर्णिमा वर्मन ने हंगरी में हिंदी के अध्ययन, अध्यापन और विकास के कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वेब पर विश्वविद्यालयों की हिंदी पत्रिकाओं की उपस्थिति, विश्व भर के हिंदी छात्रों के विचार विनिमय, भाषा व साहित्य के संगठित विकास का महत्त्वपूर्ण सोपान है। उन्होंने अभिव्यक्ति और अनुभूति पत्रिकाओं के विषय में पावर पॉइंट प्रस्तुति द्वारा विस्तार से बताया।

श्रीमती पूर्णिमा वर्मन द्वारा टीम अभिव्यक्ति की ओर से विभाग की सर्वश्रेष्ठ छात्रा- सूच वैरोनिका को स्मृतिचिह्न, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। पूर्णिमाजी ने छात्रों में हिंदी सीखने की लगन की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और विश्वास व्यक्त किया कि आगे भी इन छात्रों के द्वारा हिंदी में महत्त्वपूर्ण कार्य होता रहेगा। इस अवसर पर विभाग की अध्यक्षा, डॉ. मारिया नेज्यैशी को भी टीम अभिव्यक्ति की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया और हंगरी में हिंदी के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की गई। अंत में डॉ. मारिया नेज्यैशी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपूर्ण हुआ। इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग के छात्र, अध्यापक, अनुवादक तथा अन्य हिंदी प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विभाग के अतिथि प्रोफेसर डॉ. प्रमोद शर्मा ने किया और हंगेरियन अनुवाद दानियल ने।


कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर 28 अप्रैल की शाम ऐल्ते के हिंदी छात्रों द्वारा हंगरी के प्रसिद्ध लेखक फैरैंस मोलनार के प्रसिद्ध किशोर उपन्यास- पॉल उत्साई फ्यूक- के एक अंश का हिंदी नाट्य रूपांतर प्रस्तुत किया गया। "पुटी क्लब" नाम से प्रस्तुत इस रचना का हिंदी नाट्य रूपांतर अतिथि प्रोफेसर डॉ प्रमोद शर्मा द्वारा किया गया था। निर्देशक थे आकाश सैनी। नाटक के साथ हंगेरियन चाय से अतिथियों का स्वागत किया गया। नाटक के बाद विभाग के उपस्थित छात्रों से परिचय का सिलसिला चला। पात्रों के अभिनय और उनके हिंदी प्रेम ने पूर्णिमा वर्मन का मन मोह लिया।

अगले दिन 28 अप्रैल की सुबह श्रीमती पूर्णिमा वर्मन ने विभाग और विभाग की भित्ति-पत्रिका प्रयास का संदर्शन किया। विभिन्न कक्षाओं के छात्रों से बातचीत की, द्वितीय कक्षा की छात्राओं ने विभाग की पत्रिका के लिए उनका साक्षात्कार भी लिया। इस बातचीत के दौरान रीता जुलि शिमोन व अन्ना शिमोन ने दो हिंदी गीत भी सुनाए।

डॉ. गीता शर्मा, बुदापैश्त

रविवार, 30 मई 2010

गुजराती ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण


समकालीन गुजराती भाषा के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर गौरांग ठाकर के दूसरे ग़ज़ल संग्रह "वहाल वावी जोईए" का लोकार्पण 9 मई, 2010 को सूरत में हुआ । लोकार्पण गुजराती साहित्य परिषद् के अध्यक्ष भगवतीकुमार शर्मा ने किया । इस अवसर पर ‘साहित्य संगम’ के प्रणेता नानूभाई नायक, सूरत के साहित्यकारगण यथा रईश मणियार, रवींद्र पारेख, किरणकुमार चौहान और सुरेंद्रनगर से पंकज त्रिवेदी और बी. के. राठोड उपस्थित थे। सूरत के युवा गज़लकार श्री गौरांग ठाकर अब तो गुजराती ग़ज़ल की ताज़गीसभर और सबको आकर्षित करने वाली आवाज़ बन चुका है । 2006 में "मारा हिस्सानो सूरज" देकर ग़ज़ल के आँगन में साहित्यकारों, आलोचकों और भावकों के ह्रदय में अनूठा स्थान प्राप्त कर चुके है । इस संग्रह को गुजरात साहित्य अकादमी और वरिष्ठ ग़ज़लकार "स्व. मनहरलाल चोकसी" पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है । मुम्बई की प्रचलित कला संस्था इंडियन नॅशनल थीएटर (I.N.T.) की ओर से "शयदा एवार्ड" (2009) में प्राप्त हुआ । विश्वप्रसिद्ध कथाकार पू. श्री मोरारीबापू ने भी आशीर्वचन दिए हैं। लोकार्पण समारोह के पश्चात उपस्थित श्रोताओं के मध्य गौरांग ठाकर की ग़ज़लों का सुगम संगीत कार्यक्रम भी हुआ ।

मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह कार्टूनिस्टों का सम्मान


रायपुर - देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच के कार्टून उत्सव में मुख्य अतिथि डॉक्टर रमन सिंह ने दो वरिष्ठ कार्टूनिस्टों मुंबई के श्री सुरेश सावंत और दिल्ली के श्री श्याम जगोता को लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड से सम्मानित करते हुये कहा कि यह सम्मान उस पूरी पीढ़ी का सम्मान है जिन्होंने पूरा जीवन कार्टून की सेवा में लगा दिया। होटल बेबीलोन में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे समाचार पत्र पलटते हैं तो सबसे पहले उनकी नजर कार्टून के कोने में जाती है ताकी दिन की शुरूआत मुस्कुराहट से हो। उन्होंने कार्टून वॉच के सम्पादक त्रयम्बक शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ की इस क्षेत्र में पहचान बन चुकी है। ऐसी पत्रिका को लगातार १४ साल तक प्रकाशित करना बड़े साहस का काम है।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि कार्टून ऐसी विधा है जो विचारों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि राजनेता कार्टूनिस्टों के लिये विषय मुहैया कराते हैं। उन्होंने कार्टूनिस्टों से अनुरोध किया कि वे समाज के साकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान दें जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा कि कार्टूनिस्टों को सभी की नब्ज पता होती है। प्रखर वक्ता हिमांशु द्विवेदी ने सूचित किया कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ एक मात्र राज्य है जहां कार्टून उत्सव होता है और कार्टून की पत्रिका प्रकाशित होती है। श्री द्विवेदी ने देश का पहला कार्टून म्यूजियम छत्तीसगढ़ में बनाने की परिकल्पना पर जोर देते हुये कहा कि शासन को इस कार्य में अपना सहयोग देना चाहिये।

सम्मान प्राप्त करने के बाद सुरेश सावंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ से प्रकाशित हो रही कार्टून वाच आज देश को जोड़ने का काम कर रही है और देश के हर कोने के कार्टूनिस्टों को आगे ला रही है। लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान करने के लिये उन्होंने छत्तीसगढ़ का आभार माना। उल्लेखनीय है कि सुरेश सावंत देश के नामचीन कार्टूनिस्ट हैं और उनके कार्टून इकॉनामिक टाइम्स, इलेस्ट्रेटेड वीकली, धर्मयुग और रीडर्स डाइजेस्ट सहित अनेक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। वे विदेशी कार्टून पत्रिका विट्टी वर्ल्ड के भारतीय संपादक भी रह चुके हैं। वहीं दिल्ली के श्याम जगोता भी जानेमाने कार्टूनिस्ट हैं और उनके कार्टून दिल्ली के अनेक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं।

कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान पूर्व में पद्म भूषण आर. के. लक्ष्मण, पद्मश्री सुधीर तैलंग, आबिद सुरती, प्राण, राजेन्द्र धोड़पकर और एच. एम. सूदन को प्रदान किया जा चुका है। कार्यक्रम में जिंदल समूह के प्रदीप टंडन, सच्चिदानंद जोशी, शैलेन्द्र शुक्ला, संजय श्रीवास्तव, नागेन्द्र दुबे सहित छत्तीसगढ़ के कार्टूनिस्ट त्र्यम्बक शर्मा, धनेश दिवाकर, बिम्बाधर मिश्रा, अजय सक्सेना आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर नवोदित कार्टूनिस्टों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन शकील सिददीकी ने किया।

अमेरिका और भारत में “धूप से रूठी चाँदनी" का विमोचन


जानीमानी पत्रकार और साहित्यकार डॉ. सुधा ओम ढींगरा का काव्य संग्रह ''धूप से रूठी चांदनी'' ( शिवना प्रकाशन ) का विमोचन समारोह अमेरिका में हिन्दू भवन (मौरिसविल, नॉर्थ कैरोलाईना) के सांस्कृतिक भवन के भव्य प्रांगण में हिंदी विकास मंडल और अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की नॉर्थ कैरोलाईना शाखा के तत्वावधान में तथा भारत में शिवना प्रकाशन तथा मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में धूमधाम से किया गया।

अमेरिका में हिंदी विकास मंडल के संरक्षक श्री गंगाधर शर्मा जी द्वारा ज्योति प्रज्जवलित करने के ६०० से अधिक श्रोतागणों के सम्मुख स्थानीय कवयित्री बिंदु सिंह ने डॉ। सुधा ओम ढींगरा के रचना संसार की झलक लोगों को दी और हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यों के विषय में बताया। मंच पर श्रीमती सरोज शर्मा (अध्यक्ष हिंदी विकास मंडल ), अफ़रोज़ ताज(प्रोफेसर यू।एन।सी चैपल हिल ), कवि आश कर्ण अटल, कवि महेन्द्र अजनबी और कवि अरुण जैमिनी जी द्वारा कविता संग्रह विधिवत विमोचन किया गया। तीनों कवियों को समृति चिन्ह प्रदान करने के बाद आयोजित कवि सम्मलेन में आश कर्ण अटल, महेन्द्र अजनबी और अरुण जैमिनी जी ने हास्य और व्यंग्य के तीरों से श्रोताओं का तीन घंटे खूब मंनोरंजन किया।

भारत में शिवना प्रकाशन के सामूहिक लोकार्पण समारोह में धूप से रूठी चाँदनी के साथ के साथ मोनिका हठीला की ''एक खुशबू टहलती रही '', सीमा गुप्ता की ''विरह के रंग'', मेजर संजय चतुर्वेदी की ''चाँद पर चाँदनी नहीं होती'' का भी विमोचन किया गया। विमोचन के बाद सुकवि मोहन राय की स्मृति में अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन भी किया गया। इस आयोजन का प्रारंभ मुख्य अतिथि विधायक श्री रमेश सक्सेना, सुकवि स्व. मोहन राय की धर्मपत्नी श्रीमती शशिकला राय सहित पद्मश्री बशीर बद्र, पद्मश्री बेकल उत्साही, डॉ. राहत इन्दौरी तथा मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की सचिव नुसरत मेहदी सहित सभी शायरों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण द्वारा किया। सुकवि स्व. मोहन राय को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। विमोचन के पश्चात तीनों उपस्थित लेखकों मोनिका हठीला, सीमा गुप्ता तथा संजय चतुर्वेदी को शिवना प्रकाशन तथा भोजक परिवार भुज द्वारा शाल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। सुधा ओम ढींगरा की अनुपस्थिति में उनका शाल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह उर्दू अकादमी की महा सचिव नुसरत मेहदी जी ने स्वीकार किया।

इस अवसर पर पंडित शैलेष तिवारी के स्वस्ति वाचन के बीच अतिथियों द्वारा डॉ. आजम को मंगल तिलक कर, शाल श्रीफल, सम्मान पत्र तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सुकवि स्व. मोहन राय स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। डॉ. आजम का संक्षिप्त परिचय चयन समिति की अध्यक्ष तथा स्थानीय महाविद्यालय में हिंदी की प्रोफेसर डॉ. श्रीमती पुष्पा दुबे द्वारा दिया गया। मुख्य अतिथि विधायक श्री रमेश सक्सेना जी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि धन्य हैं शिवना के साथी गण जो कि अपने साथी की स्मृति में इतना भव्य आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्र्रम के सूत्रधार द्वय रमेश हठीला तथा पंकज सुबीर ने सभी अतिथियों को शिवना प्रकाशन की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किये, साथ ही कार्यक्रम संचालक श्री प्रदीप एस चौहान को सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया गया। शायरों का स्वागत बैज, पुष्पमाला तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर श्री सोनू ठाकुर, विक्की कौशल, सनी गौस्वामी, सुधीर मालवीय, नवेद खान, प्रवीण विश्वकर्मा, प्रकाश अर्श, वीनस केसरी, अंकित सफर, रविकांत पांडे आदि ने किया। पद्मश्री बेकल उत्साही, डॉ। राहत इन्दौरी, नुसरत मेहदी, शकील जमाली, खुरशीद हैदर, अख्तर ग्वालियरी, शाकिर रजा, सिकन्दर हयात गड़बड़, अतहर सिरोंजी, सुलेमान मज़ाज , जिया राना, सुश्री राना जेबा, फारुक अंजुम, काजी मलिक नवेद, ताजुद्दीन ताज, मोनिका हठीला, मेजर संजय चतुर्वेदी, सीमा गुप्ता, डॉ। आाम जैसे शायरों की रचनाओं का कुइया गार्डन में उपस्थित श्रोता रात तीन बजे तक आनंद लेते रहे। डॉ। राहत इन्दौरी, बेकल उत्साही, खुर्शीद हैदर जैसे शायरों की गज़लों का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। कार्यक्रम संचालन प्रदीप एस चौहान ने किया। अंत में आभार शिवना प्रकाशन के पंकज सुबीर ने किया।

--कुबेरनी हनुमंथप्पा

कथाकार तेजेन्द्र शर्मा कनाडा के हिन्दी लेखकों के बीच


अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में कथा यू.के. के महासचिव और विश्वप्रसिद्ध कहानीकार श्री तेजेन्द्र शर्मा हिन्दी राइटर्स गिल्ड के आमंत्रण पर कैनेडा पधारने से बृहत टोरोंटो क्षेत्र के साहित्य जगत में एक नवचेतना का संचार हुआ। हिन्दी राइटर्स गिल्ड के उद्देश्यों में एक विभिन्न देशों में बिखरे हिन्दी साहित्य जगत में विचार-सेतु का निर्माण करना भी है और यह उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

अप्रैल 24, 2010 – श्री तेजेन्द्र शर्मा के कैनेडा आने पर हिन्दी साहित्य सभा, टोरोंटो ने हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सहयोग से ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की फ़ोर कॉरनर्ज़ शाखा के सभागार में एक काव्य सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन की संचालिका मानोशी चटर्जी ने श्री तेजेन्द्र शर्मा, उपस्थित कवियों और श्रोताओं का स्वागत किया और श्री तेजेन्द्र शर्मा का विस्तृत परिचय देते हुए उनसे अतिथि अध्यक्ष के रूप में मंच पर बैठने के लिए आमंत्रित किया। हिन्दी साहित्य सभा की परंपरा के अनुसार कार्यक्रम सरस्वती वंदना से आरम्भ हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य सभा के संस्थापक सदस्यों में से एक और कैनेडा के हिन्दी साहित्य जगत की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती दीप्ति अचला कुमार ने की। श्री तेजेन्द्र शर्मा ने कथा यू.के. की इंग्लैंड के साहित्य जगत में भूमिका की चर्चा करते हुए संस्था से पहले और बाद की अवस्था की तुलना की। भारतेतर लेखकों को "प्रवासी" लेखक के संबोधन पर भी उन्होंने आपत्ति जताई परन्तु साथ ही उन्होंने विदेशों में रहने वाले लेखकों को प्रोत्साहित किया कि वह "नॉस्टेलजिया" की दलदल से बाहर आकर स्थानीय सरोकारों से अपने को जोड़ें और स्थानीय परिप्रेक्ष्य में ही साहित्य सृजन करें। तेजेन्द्र जी ने अपने संबोधन में अपनी काव्य रचनाओं को इस तरह बुना कि पता ही नहीं चला कि किस तरह एक घंटा बीत गया। सम्मेलन में– सुमन कुमार घई, भगवत शरण श्रीवास्तव, लता पांडे, भुवनेश्वरी पांडे, इंदिरा वर्मा, राज महेश्वरी, सरोजिनी जौहर, देवेन्द्र मिश्रा, सुधा मिश्रा, विजय विक्रान्त, प्रमिला भार्गव, राज शर्मा, प्राण किरतानी, कृष्णा वर्मा, प्रवीण कौर, अवतार गिल, राज कश्यप, राकेश तिवारी, मीना चोपड़ा, मानोशी चटर्जी, गोपाल बघेल, पाराशर गौड़ और दीप्ति अचला कुमार ने काव्यपाठ किया। तेजेन्द्र शर्मा जी ने सुझाव दिया कि कवियों और कवयित्रियों को चाहिए कि अपनी रचनाएँ सुनाने के लिए की जा रही गोष्ठियों में वह भारत के प्रतिष्ठित कवियों की रचनाएँ भी सुनाएँ और बताएँ कि उन्होंने वही रचना क्यों चुनी। इस तरह से कविता पर मनन करने से स्थानीय कवियों की रचना स्तर में सुधार अवश्य आएगा।

25 अप्रैल, 2010 - मिसिसागा सेंट्रल लाइब्रेरी ने मिसिसागा सेंट्रल लाइब्रेरी के हॉल में हिन्दी राइटर्स गिल्ड के सहयोग से तेजेन्द्र शर्मा को कथा-वाचन और कथा-लेखन की कार्यशाला के आमंत्रित किया। हिन्दी राइटर्स गिल्ड समय समय स्थानीय लेखकों के लिए कार्याशालाएँ करती रहती है परन्तु तेजेन्द्र जी जैसे कहानीकार की उपस्थिति ने इस कार्यशाला का महत्व बढ़ा दिया था। कहानी पाठ से पहले हिन्दी राइटर्स गिल्ड के संस्थापक निदेशकों डॉ. शैलजा सक्सेना, सुमन कुमार घई और विजय विक्रान्त ने तेजेन्द्र जी को मानद सदस्यता प्रदान करके सम्मानित किया। तेजेन्द्र जी ने अपनी कहानी "कब्र का मुनाफ़ा" वाचन के लिए चुनी। श्रोताओं ने इस भावपूर्ण कथा वाचन को ध्यानपूर्वक सुना। कहानी पाठ के बाद तेजेन्द्र जी ने प्रश्नोत्तर का सत्र में लेखकों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इसके बाद लेखक विक्रान्त जी के निवास पर लेखक अनौपचारिक ढंग से तेजेन्द्र जी से मिले। विविध विषयों पर बातचीत हुई और अवसर पा कर डॉ. शैलजा सक्सेना ने तेजेन्द्र शर्मा जी का साक्षात्कार भी किया तेजेन्द्र जी के अनुरोध पर जसबीर कालरवि ने अपनी कुछ ग़ज़लें सुनाई।

26 अप्रैल, 2010 को कैनेडा के मुख्य बहुभाषी टी.वी. नेटवर्क ऑमनी 2 ने तेजेन्द्र शर्मा जी को स्टूडियो में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया। "बधाई हो" के प्रोड्यूसर नलिन बाखले ने तेजेन्द्र जी का एक लंबा साक्षात्कार लिया। साक्षात्कार में हिन्दी लेखन और अंग्रेज़ी लेखन की तुलना, स्थानीय सरोकारों पर हिन्दी लेखन की क्षमता आदि पर चर्चा हुई। ऑमनी 2 के बाद तेजेन्द्र शर्मा और सुमन घई सीधे रेडियो सीएमआर 101.3 एफ.एम. पहुँचे जहाँ पर तेजेन्द्र जी का स्वागत हिन्दी टाइम्स के प्रकाशक राकेश तिवारी, और उपाध्यक्ष गुरमीत सैनी ने किया। "अपना रेडियो बॉलीवुड बीट्स" भी राकेश तिवारी जी का ही कार्यक्रम है। रेडियो होस्टस देवसागर और स्वाति ने तेजेन्द्र जी के पसंद के साहित्यिक गीत श्रोताओं के लिए प्रसारित किए। तेजेन्द्र जी ने उन गीतों के साहित्यिक पक्ष की चर्चा की। राकेश तिवारी जी ने तेजेन्द्र जी से कुछ प्रश्न पूछे और श्रोताओं को फोन करने के लिए आमंत्रित किया और तेजेन्द्र जी ने फोन करने वालों से बातचीत की।

--सुमन कुमार घई